SBI, HDFC, PNB के ग्राहकों के लिए बड़ी चेतावनी! 1 अप्रैल से आपके बैंक खाते पर लग सकते हैं नए नियमों के ताले

अगर आपका खाता डॉर्मेंट है, KYC अपडेट नहीं है या आप जीरो बैलेंस रख रहे हैं—तो सतर्क हो जाइए! 1 अप्रैल 2025 से लागू हो रहे RBI और बैंकों के नए नियम सीधे आपके पैसों और लेन-देन पर असर डालेंगे। जानिए कैसे बचें खाते बंद होने और पेनल्टी से—पूरी डिटेल्स आगे।

By Praveen Singh
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SBI, HDFC, PNB के ग्राहकों के लिए बड़ी चेतावनी! 1 अप्रैल से आपके बैंक खाते पर लग सकते हैं नए नियमों के ताले
बैंक के नए नियम होंगे लागू

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और प्रमुख बैंक जैसे SBI, HDFC, PNB सहित सभी बैंकों ने Bank Account New Rules 2025 के तहत कुछ अहम बदलाव किए हैं जो सीधे तौर पर आपके बैंक खातों और पैसों को प्रभावित करेंगे। ये नए नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू हो रहे हैं और इनका उद्देश्य बैंकिंग को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और ग्राहकों के अनुकूल बनाना है।

नए नियमों के तहत खाता धारकों को अपनी बैंकिंग गतिविधियों में सावधानी बरतनी होगी, वरना लेन-देन में परेशानी आ सकती है या खाता बंद भी हो सकता है।

बैंक खाते से जुड़े नए नियम

RBI ने निर्देश दिया है कि यदि किसी खाते में लगातार 12 महीने तक कोई लेन-देन नहीं होता, तो वह खाता निष्क्रिय (Inactive Account) माना जाएगा। और यदि दो वर्षों तक कोई लेन-देन नहीं होता है, तो वह खाता डॉर्मेंट (Dormant Account) घोषित कर दिया जाएगा।

डॉर्मेंट खाते को फिर से सक्रिय करने के लिए ग्राहक को संबंधित बैंक शाखा में जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ कम से कम एक ट्रांजैक्शन करना होगा। सुरक्षा कारणों से ऐसे खातों को बंद करने का भी प्रावधान है।

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जीरो बैलेंस खातों पर सख्ती

जिन खातों में कोई न्यूनतम बैलेंस नहीं रखा जाता, यानी Zero Balance Accounts, उन्हें भी अब बैंकों द्वारा निगरानी में रखा जाएगा। यदि ऐसे खातों में लंबे समय तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं होता है, तो उन्हें भी बंद किया जा सकता है।

इससे खातों के दुरुपयोग को रोकने और बैंकों की परिचालन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग न्यूनतम बैलेंस नियम

SBI, HDFC, PNB जैसे प्रमुख बैंकों ने Minimum Balance की सीमा को अब भौगोलिक क्षेत्रों के अनुसार विभाजित किया है। शहरी क्षेत्रों के लिए न्यूनतम बैलेंस की राशि अधिक हो सकती है जबकि ग्रामीण इलाकों के लिए इसे कम रखा गया है।

यदि खाता धारक अपने खाते में निर्धारित न्यूनतम राशि नहीं रखते हैं, तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है, जो ₹250 से ₹600 तक हो सकता है।

ATM निकासी के नए नियम और शुल्क

अब ग्राहक अन्य बैंकों के एटीएम से सिर्फ तीन बार फ्री निकासी कर सकते हैं। उसके बाद प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर ₹20 से ₹25 का शुल्क देना होगा।

यह नियम इसलिए लाया गया है ताकि डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित किया जा सके और नकद निकासी को सीमित किया जा सके।

KYC अपडेट करना अब अनिवार्य

KYC (Know Your Customer) अपडेट अब सभी खाताधारकों के लिए जरूरी कर दिया गया है। यदि कोई ग्राहक अपने आधार, पैन या अन्य दस्तावेज समय रहते अपडेट नहीं करता है, तो उसके खाते पर अस्थायी रोक लग सकती है।

बैंक शाखा या ऑनलाइन माध्यम से KYC को समय-समय पर अपडेट करना जरूरी है ताकि खाता चालू स्थिति में बना रहे।

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सुरक्षा के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम (PPS)

₹5,000 या उससे अधिक की चेक से भुगतान के लिए अब Positive Pay System अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत, ग्राहक को चेक जारी करने से पहले बैंक को उसकी जानकारी जैसे चेक नंबर, राशि, लाभार्थी का नाम आदि देना होगा।

यह कदम चेक से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है और बैंकिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है।

बचत और FD पर नई ब्याज दरें

RBI ने Fixed Deposit (FD) और Savings Account पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी संशोधन किया है। अब ग्राहकों को चुनिंदा अवधियों के लिए अधिक ब्याज दरें मिल सकती हैं, विशेष रूप से सीनियर सिटीज़न और महिला खाताधारकों को कुछ योजनाओं में अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

डिजिटल बैंकिंग पर अधिक फोकस

इन नियमों के जरिए RBI और सभी बैंक ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग की ओर प्रोत्साहित कर रहे हैं। इससे न केवल लेन-देन में पारदर्शिता आएगी बल्कि धोखाधड़ी की संभावना भी घटेगी। ग्राहकों को नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।

नए नियमों का पालन कैसे करें?

इन नियमों के तहत खाता धारकों को कुछ ज़रूरी कदम उठाने होंगे:

  • नियमित रूप से अपने खातों में ट्रांजैक्शन करें ताकि खाता सक्रिय बना रहे।
  • अपने KYC डॉक्यूमेंट्स समय रहते अपडेट करें।
  • अपने खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखें ताकि कोई पेनल्टी न लगे।
  • चेक से लेन-देन करते समय Positive Pay System का पालन करें।
  • ATM से कैश निकालते समय फ्री लिमिट का ध्यान रखें।

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FAQs

प्रश्न 1: डॉर्मेंट खाता क्या होता है?
डॉर्मेंट खाता वह होता है जिसमें पिछले दो सालों से कोई लेन-देन नहीं हुआ हो। ऐसे खाते को बैंक निष्क्रिय घोषित कर देता है।

प्रश्न 2: जीरो बैलेंस खाता कब बंद किया जा सकता है?
यदि जीरो बैलेंस खाते में लंबे समय तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं होता है, तो बैंक उसे बंद कर सकता है।

प्रश्न 3: Positive Pay System (PPS) क्या है?
PPS एक सुरक्षा प्रणाली है जिसमें ₹5,000 से ऊपर की चेक ट्रांजैक्शन के लिए ग्राहक को पहले चेक की जानकारी बैंक को देनी होती है ताकि धोखाधड़ी रोकी जा सके।

प्रश्न 4: KYC अपडेट नहीं करने पर क्या होगा?
अगर KYC अपडेट नहीं किया गया, तो खाते पर अस्थायी रोक लग सकती है और लेन-देन करना संभव नहीं होगा।

प्रश्न 5: नए नियम कब से लागू हो रहे हैं?
सभी नए बैंकिंग नियम 1 अप्रैल 2025 से पूरे भारत में लागू होंगे।

SBI, HDFC, PNB और अन्य बैंकों द्वारा लागू किए गए ये Bank Account New Rules 2025 सभी खाताधारकों को सीधे प्रभावित करते हैं। इन नियमों का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित, प्रभावी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाना है। ग्राहकों को चाहिए कि वे इन बदलावों के प्रति सजग रहें और अपने खाते की स्थिति को समय-समय पर जांचते रहें ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

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