
पर्सनल लोन (Personal Loan) एक ऐसा विकल्प होता है जो अचानक वित्तीय जरूरतों के समय बेहद मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, यह सबसे महंगे लोन विकल्पों में से एक होता है क्योंकि इसकी ब्याज दरें काफी ऊंची होती हैं।
आमतौर पर लोग मेडिकल इमरजेंसी, शादी, एजुकेशन या अन्य जरूरी खर्चों के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार यह देखा गया है कि लोग इस लोन का इस्तेमाल अपने शौक पूरे करने या शेयर बाजार में निवेश करने जैसे गैर-जरूरी कारणों के लिए करते हैं। जब समय पर EMI का भुगतान नहीं होता, तो बैंक अपनी वसूली के लिए कई सख्त कदम उठा सकता है।
पर्सनल लोन नहीं चुकाया तो क्या होगा?
अगर कोई व्यक्ति पर्सनल लोन की किस्तें लगातार नहीं चुका रहा है और बैंक द्वारा बार-बार भेजी गई नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं किया, तो बैंक कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ सकता है। बैंक कर्जदार के खिलाफ सिविल कोर्ट में केस दाखिल कर सकता है। कोर्ट अगर मानता है कि जानबूझकर लोन नहीं चुकाया गया है, तो वह लोन की राशि चुकाने का आदेश देता है। इसके अलावा कोर्ट लोन रिकवरी के लिए संपत्ति की जब्ती और नीलामी का आदेश भी दे सकता है।
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बैंक कर सकता है डेट कलेक्शन एजेंसी की नियुक्ति
जब बैंक सीधे कर्ज की वसूली में असफल रहता है, तो वह किसी डेट कलेक्शन एजेंसी (Debt Collection Agency) को नियुक्त कर सकता है। इन एजेंसियों के रिकवरी एजेंट कर्जदार के पास जाकर वसूली की कोशिश करते हैं। AU Small Finance Bank के अनुसार, कई बार ये एजेंट कर्जदार पर मानसिक दबाव बनाते हैं और उत्पीड़न की भी शिकायतें मिलती हैं। हालांकि, आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एजेंट किसी भी तरह की जबरदस्ती या अवैध गतिविधि नहीं कर सकते, लेकिन व्यवहार में कई बार नियमों का उल्लंघन देखा गया है।
सिबिल स्कोर पर होगा गंभीर असर
पर्सनल लोन का भुगतान समय पर नहीं करने से आपके CIBIL स्कोर पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है। यह स्कोर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को दर्शाता है और अगर आप किसी भी प्रकार का डिफॉल्ट करते हैं तो यह स्कोर गिर जाता है। नतीजतन, भविष्य में कोई भी बैंक या NBFC आपको लोन देने से हिचकिचाएगा। यदि कोई लोन देने को तैयार भी हो, तो वह आपको बहुत ही अधिक ब्याज दर (High Interest Rate) पर लोन देगा।
भविष्य की लोन योग्यता होगी प्रभावित
अगर आपने किसी बैंक का लोन नहीं चुकाया है, तो यह जानकारी क्रेडिट रिपोर्ट में वर्षों तक बनी रहती है। इससे आपकी लोन योग्यता (Loan Eligibility) पर गंभीर असर होता है। भविष्य में होम लोन, कार लोन या एजुकेशन लोन जैसे जरूरी लोन लेने में भी आपको कठिनाई हो सकती है।
रिकवरी एजेंट की बदसलूकी की करें शिकायत
अगर किसी रिकवरी एजेंट द्वारा आपको डराया-धमकाया जाता है या आपकी निजता का उल्लंघन किया जाता है, तो आप इसकी शिकायत आरबीआई (RBI), बैंक के ग्रिवांस सेल, या ओम्बड्समैन से कर सकते हैं। किसी भी कर्जदार की गरिमा और निजता की रक्षा करना बैंकों की जिम्मेदारी होती है।
समाधान की संभावनाएं: समझौता या री-स्ट्रक्चरिंग
अगर आप लोन नहीं चुका पा रहे हैं लेकिन चुकाने की मंशा रखते हैं, तो बैंक से सेटलमेंट (Settlement) या री-स्ट्रक्चरिंग (Restructuring) का विकल्प मांगा जा सकता है। इससे लोन की राशि को कम ब्याज दर या लंबी अवधि में चुकाने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, इससे भी सिबिल स्कोर पर असर पड़ता है, लेकिन यह विकल्प पूरी तरह डिफॉल्ट से बेहतर होता है।
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FAQs
Q1. अगर पर्सनल लोन नहीं चुकाया जाए तो क्या बैंक सीधे संपत्ति जब्त कर सकता है?
नहीं, पर्सनल लोन आमतौर पर बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे दिया जाता है, इसलिए बैंक सीधे संपत्ति जब्त नहीं कर सकता जब तक कोर्ट का आदेश न हो।
Q2. क्या डेट कलेक्शन एजेंट घर आकर परेशान कर सकते हैं?
नहीं, RBI के नियमों के तहत रिकवरी एजेंट किसी भी तरह की गाली-गलौज या उत्पीड़न नहीं कर सकते। अगर वे ऐसा करते हैं तो इसकी शिकायत की जा सकती है।
Q3. कितने समय की EMI चूकने पर बैंक लीगल एक्शन ले सकता है?
आमतौर पर 3 महीने तक लगातार EMI नहीं चुकाने पर अकाउंट NPA घोषित होता है, इसके बाद बैंक लीगल कार्रवाई शुरू कर सकता है।
Q4. क्या लोन सेटलमेंट से सिबिल स्कोर सुधरता है?
लोन सेटलमेंट करने से लोन क्लोज हो सकता है, लेकिन यह क्रेडिट रिपोर्ट में ‘Settled’ स्टेटस में दर्ज होता है जिससे स्कोर खराब ही रहता है।
Q5. क्या पर्सनल लोन डिफॉल्ट से जेल हो सकती है?
पर्सनल लोन डिफॉल्ट एक सिविल मामला है, न कि क्रिमिनल। इसलिए जेल नहीं हो सकती, लेकिन कोर्ट आदेश के बाद संपत्ति जब्त की जा सकती है।