Bank FD vs Corporate FD: कहाँ मिलेगा ज्यादा फायदा? निवेश से पहले जानें ये बड़ा सच

बैंक FD में ब्याज दर से संतुष्ट नहीं हैं? कॉरपोरेट FD दे रहा है 9% तक का जबरदस्त रिटर्न! लेकिन क्या वाकई ये बैंक FD से बेहतर है? कहीं ज्यादा रिटर्न के लालच में जोखिम तो नहीं बढ़ा रहे? जानिए पूरी सच्चाई, फायदे-नुकसान और आपके लिए सही विकल्प कौन-सा है!

By Praveen Singh
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Bank FD vs Corporate FD: कहाँ मिलेगा ज्यादा फायदा? निवेश से पहले जानें ये बड़ा सच
Bank FD vs Corporate FD

Bank FD vs Corporate FD की तुलना करते समय निवेशक अक्सर यह सोचते हैं कि कौन-सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद है। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेशकों के बीच एक बेहद लोकप्रिय माध्यम है, खासकर उन लोगों के लिए जो शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के जोखिम से दूर रहना चाहते हैं। लेकिन बैंक FD की तुलना में कॉरपोरेट FD (Corporate FD) आजकल ज्यादा आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है, क्योंकि इसमें रिटर्न अधिक मिलता है। हालांकि, इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। इस लेख में हम Bank FD और Corporate FD का पूरा विश्लेषण करेंगे ताकि आप सही निवेश निर्णय ले सकें।

Corporate FD क्या है और कैसे काम करती है?

कॉरपोरेट FD (Corporate FD) एक प्रकार की फिक्स्ड डिपॉजिट है जिसे बैंक के बजाय कंपनियां और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) जारी करती हैं। इसमें निवेशक एक तय अवधि के लिए पैसा जमा करते हैं और उस पर ब्याज पाते हैं। यह जमा राशि आमतौर पर 12 महीने से लेकर 10 साल तक के लिए हो सकती है।

कॉरपोरेट FD की खास बात यह है कि इसमें ब्याज दर बैंक FD के मुकाबले अधिक होती है। कंपनियां निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 7% से 9% तक का ब्याज देती हैं, जबकि बैंक FD में सामान्यतः 6-7% तक ब्याज मिलता है।

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क्यों चुनें कॉरपोरेट FD?

अगर आप स्थिर लेकिन अपेक्षाकृत ऊंचे रिटर्न की तलाश में हैं, तो कॉरपोरेट FD आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। खासतौर से उन निवेशकों के लिए जो:

  • बैंक FD में मिलने वाले कम ब्याज से संतुष्ट नहीं हैं।
  • शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं।
  • नियमित आय (मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक) के विकल्प की तलाश में हैं।
  • ₹5,000 जैसी छोटी राशि से भी निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं।

कॉरपोरेट FD की एक और खासियत यह है कि निवेशक अपनी आवश्यकता के अनुसार ब्याज भुगतान का समय चुन सकते हैं, जिससे वे अपने खर्च और आय के बीच संतुलन बना सकते हैं।

Bank FD vs Corporate FD: मुख्य अंतर

Bank FD में रिटर्न की गारंटी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियंत्रण में आने वाले बैंकों के द्वारा दी जाती है। इसके अलावा, बैंक FD पर ₹5 लाख तक की जमा राशि DICGC बीमा के तहत सुरक्षित होती है। वहीं दूसरी तरफ, कॉरपोरेट FD सरकारी बीमा कवर के तहत नहीं आती। इसका मतलब है कि यदि कंपनी की वित्तीय स्थिति खराब होती है या वह डिफॉल्ट कर जाती है, तो निवेशक की राशि जोखिम में पड़ सकती है।

हालांकि, अच्छी क्रेडिट रेटिंग वाली कंपनियों की FD अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती हैं। इसलिए निवेश से पहले कंपनी की क्रेडिट रेटिंग, वित्तीय स्थिति और पिछले रिकॉर्ड की जांच करना बेहद जरूरी है।

Corporate FD में जोखिम और सावधानियां

कॉरपोरेट FD में निवेश करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • क्रेडिट रेटिंग देखें: हमेशा AAA या AA रेटिंग वाली कंपनियों की FD में निवेश करें। यह कंपनियों की मजबूत वित्तीय स्थिति और समय पर भुगतान करने की क्षमता दर्शाती है।
  • कंपनी की वित्तीय स्थिति जांचें: कंपनी के बैलेंस शीट, लाभ-हानि खाते और कर्ज की स्थिति पर नजर डालें।
  • निवेश अवधि और लॉक-इन पीरियड: कई बार कॉरपोरेट FD में प्री-मैच्योर विड्रॉअल आसान नहीं होता या पेनल्टी लगती है। इसलिए निवेश अवधि सोच-समझकर तय करें।
  • डायवर्सिफिकेशन: अपने पूरे फंड को एक ही कंपनी की FD में न लगाएं। जोखिम को कम करने के लिए अपने निवेश को विभिन्न कंपनियों में बांटना समझदारी है।

कौन निवेश करे कॉरपोरेट FD में?

कॉरपोरेट FD उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है:

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  • जो बैंक FD से अधिक ब्याज दर की तलाश में हैं।
  • जो मध्यम स्तर का जोखिम उठाने को तैयार हैं।
  • जिनका खर्च ब्याज आय पर निर्भर है और नियमित भुगतान के विकल्प की जरूरत है।
  • जिनका निवेश लक्ष्य 1 से 5 साल का है और वे शेयर बाजार की वोलैटिलिटी से बचना चाहते हैं।

क्या Bank FD सुरक्षित विकल्प है?

बैंक FD एक कम जोखिम वाला निवेश साधन है। सरकारी बीमा कवर (₹5 लाख तक) इसे और सुरक्षित बनाता है। हालांकि, ब्याज दरें कम हैं और महंगाई दर को मात देने के लिए यह हमेशा उपयुक्त नहीं हो सकता।

लेकिन अगर आपकी प्राथमिकता पूंजी सुरक्षा और निश्चित रिटर्न है, तो बैंक FD एक भरोसेमंद विकल्प बना रहता है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए, कई बैंक अतिरिक्त ब्याज दर की सुविधा भी देते हैं।

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FAQs

Q1: कॉरपोरेट FD और बैंक FD में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
कॉरपोरेट FD कंपनियों द्वारा जारी की जाती है, जबकि बैंक FD बैंकों द्वारा। बैंक FD पर ₹5 लाख तक का बीमा कवर होता है, जबकि कॉरपोरेट FD में यह सुविधा नहीं मिलती।

Q2: कॉरपोरेट FD में न्यूनतम निवेश कितनी राशि से किया जा सकता है?
कॉरपोरेट FD में ₹5,000 से भी निवेश शुरू किया जा सकता है, जो छोटे निवेशकों के लिए आसान है।

Q3: क्या कॉरपोरेट FD पूरी तरह सुरक्षित है?
नहीं, कॉरपोरेट FD में जोखिम होता है क्योंकि यह कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर निर्भर करती है। अच्छी क्रेडिट रेटिंग वाली कंपनियों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

Q4: क्या कॉरपोरेट FD पर मिलने वाला ब्याज कर योग्य है?
हाँ, कॉरपोरेट FD से मिलने वाला ब्याज आपकी इनकम में जोड़ा जाता है और उस पर आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है।

Q5: क्या कॉरपोरेट FD प्रीमैच्योर निकासी की सुविधा देती है?
कई कंपनियां प्रीमैच्योर निकासी की अनुमति देती हैं, लेकिन उस पर पेनल्टी चार्ज हो सकता है। इसलिए निवेश से पहले इसके नियम और शर्तें पढ़ना जरूरी है।

Bank FD और Corporate FD दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। अगर आप पूरी तरह से जोखिम से बचना चाहते हैं तो बैंक FD आपके लिए बेहतर विकल्प है। वहीं, अगर आप स्थिर रिटर्न के साथ थोड़ा अधिक ब्याज कमाना चाहते हैं और मध्यम जोखिम उठाने को तैयार हैं, तो कॉरपोरेट FD आजमाई जा सकती है। निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, क्रेडिट रेटिंग और निवेश अवधि की अच्छे से जांच जरूर करें।

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